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उपवास का विज्ञान: योग साधना में 'व्रत' के शारीरिक और मानसिक लाभ
क्या व्रत और उपवास केवल धार्मिक परंपरा हैं या इनमें वैज्ञानिक पहलू भी है? जानें कैसे योग साधना और उपवास आपके शरीर को शुद्ध करते हैं और मन को ऊर्जा प्रदान करते हैं।उपवास का विज्ञान: योग साधना में 'व्रत' के शारीरिक और मानसिक लाभ
साधना विज्ञान
Rajesh Kumar
6/20/20261 मिनट पढ़ें


कभी आपने सोचा है कि हमारी दादी-नानी हर थोड़े दिन में व्रत या उपवास क्यों रखती थीं? क्या यह सिर्फ भगवान को खुश करने का एक तरीका था, या इसके पीछे कोई गहरा राज छिपा था?
मेरे प्यारे दोस्तों, आज हम इसी बात पर खुलकर चर्चा करने वाले हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम सुबह आंख खुलने से लेकर रात को सोने तक बस कुछ न कुछ चबाते ही रहते हैं। सुबह की चाय, फिर नाश्ता, फिर लंच, शाम के स्नैक्स और फिर भारी-भरकम डिनर। हमारा पेट बेचारा एक ऐसी मशीन बन गया है जो चौबीसों घंटे बिना रुके काम कर रही है। **मैंने देखा है** कि जब हम किसी मशीन को लगातार चलाते हैं, तो वह गर्म होकर खराब होने लगती है। हमारा शरीर भी तो एक मशीन ही है! इसे भी थोड़े आराम की जरूरत होती है, और यही आराम हमें उपवास से मिलता है।
चलो, इसे समझने के लिए मैं आपको अपने एक दोस्त राहुल की कहानी सुनाता हूँ। राहुल एक कॉर्पोरेट कंपनी में काम करता है। वह हमेशा थका-थका रहता था, पेट में गैस और भारीपन की समस्या से परेशान रहता था। खुद को एक्टिव रखने के लिए वह दिन में चार-पांच कप कॉफी पी जाता था, लेकिन फिर भी उसका मूड खराब ही रहता था। एक दिन उसने योग सीखने वाले एक गुरु जी से बात की। गुरु जी ने उसे कोई दवा नहीं दी, बल्कि सिर्फ इतना कहा, "हफ्ते में एक दिन अपने इस पेट रूपी इंजन को आराम दो, यानी व्रत रखो।" राहुल ने ऐसा ही किया। शुरू में उसे थोड़ी दिक्कत हुई, लेकिन तीन-चार हफ्तों के बाद जो हुआ, वह सचमुच हैरान करने वाला था। उसका आलस गायब हो गया, त्वचा चमकने लगी और वह पहले से कहीं ज्यादा खुश रहने लगा।
तो चलिए, **अब अधिक समय न लेते हुए आगे बढ़ते हैं** और समझते हैं कि जब हम भूखे रहते हैं या व्रत रखते हैं, तो हमारे शरीर के अंदर ऐसा क्या होता है जो हमें इतना बढ़िया महसूस होने लगता है।
जब पेट को मिलता है आराम: शरीर का अंदरूनी डॉक्टर
जब हम खाना खाते हैं, तो हमारे शरीर की पूरी ऊर्जा (energy) उस खाने को पचाने में लग जाती है। लेकिन जब हम उपवास रखते हैं, तो शरीर को खाना पचाने के काम से छुट्टी मिल जाती है। अब सवाल यह उठता है कि शरीर इस खाली समय में क्या करता है?
आइए अब जानते हैं कि इस समय हमारा शरीर क्या जादुई काम करता है। जब अंदर कोई नया खाना नहीं पहुंचता, तो शरीर अपनी बची हुई ऊर्जा का इस्तेमाल अंदरूनी सफाई में करने लगता है। इसे विज्ञान की भाषा में एक खास नाम दिया गया है, जिसे हम बहुत ही आसान शब्दों में 'कचरा साफ करने की प्रक्रिया' कह सकते हैं। शरीर की जो कोशिकाएं (cells) पुरानी, बीमार या खराब हो चुकी होती हैं, शरीर उन्हें खुद ही खाकर खत्म कर देता है और उनकी जगह नई और स्वस्थ कोशिकाएं बनने लगती हैं।
मेरे अनुभव में आया है कि जब हम एक दिन का भी हल्का उपवास रखते हैं, तो अगले दिन पेट एकदम हल्का और साफ महसूस होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारे पाचन तंत्र को खुद को ठीक करने का पूरा समय मिल जाता है।
मन की शांति और दिमाग की बत्ती: मानसिक लाभ
उपवास का असर सिर्फ हमारे पेट पर ही नहीं, बल्कि हमारे दिमाग पर भी बहुत गहरा पड़ता है। आपने खुद ध्यान दिया होगा कि जब हम बहुत भारी खाना खा लेते हैं, तो हमें तुरंत नींद आने लगती है। दिमाग सुस्त हो जाता है और कुछ भी सोचने-समझने की इच्छा नहीं होती। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सारा खून और ऊर्जा पेट की तरफ चली जाती है।
मुझे लगता है कि व्रत रखने से हमारा दिमाग ज्यादा तेजी से और साफ तरीके से काम करने लगता है। जब पेट खाली होता है, तो दिमाग को एक खास तरह का सिग्नल मिलता है जिससे वह ज्यादा सतर्क (alert) हो जाता है। पुराने समय में ऋषि-मुनि जब भी कोई बड़ा ध्यान या साधना करते थे, तो वे हमेशा खाली पेट रहते थे।
जहां तक वास्तविकता की बात है, जब आप भूखे रहकर भी अपने मन पर काबू रखना सीख जाते हैं, तो आपका आत्मबल बहुत बढ़ जाता है। आपको यह अहसास होता है कि आप भोजन के गुलाम नहीं हैं, बल्कि आपका अपने शरीर और इच्छाओं पर पूरा नियंत्रण है। इससे गुस्सा कम आता है, तनाव दूर होता है और मन में एक अनोखी शांति महसूस होती है।
योग साधना और व्रत का गहरा कनेक्शन
योग सिर्फ हाथ-पैर हिलाने या मुश्किल आसन करने का नाम नहीं है। योग का असली मतलब है अपने शरीर, मन और प्राण को एक लय में लाना। और इस लय को पाने के लिए उपवास एक बहुत ही बेहतरीन जरिया है।
योग शास्त्र में शरीर की शुद्धिकरण को बहुत ज्यादा तवज्जो दी गई है। जब तक शरीर के अंदर गंदगी जमी रहेगी, तब तक आप ध्यान की गहराइयों में नहीं उतर सकते। जब आप व्रत रखते हैं, तो आपके शरीर की नाड़ियाँ साफ होती हैं। इससे शरीर में प्राण वायु का बहाव बहुत अच्छे से होने लगता है।
अगर आप कभी खाली पेट योग या प्राणायाम करेंगे, तो आप खुद महसूस करेंगे कि आपकी सांसें कितनी गहरी और लंबी हो रही हैं। आप आसनों को कितनी आसानी से कर पा रहे हैं। इसके विपरीत, भारी पेट के साथ योग करना बहुत मुश्किल और असुविधाजनक होता है। व्रत हमारे शरीर को हल्का बनाकर उसे ध्यान और साधना के लिए पूरी तरह तैयार कर देता है।
व्रत रखने का सही और आसान तरीका क्या है?
अब आप सोच रहे होंगे कि भाई, व्रत रखने का मतलब क्या पूरे दिन भूखे मरना है? बिल्कुल नहीं! व्रत रखने का भी एक सलीका होता है, ताकि शरीर को इसका पूरा फायदा मिले, न कि नुकसान। कुछ लोग व्रत के नाम पर दिनभर साबूदाने की तली हुई खिचड़ी, आलू के चिप्स और कुट्टू के पकोड़े खाते रहते हैं। सच कहूँ तो, ऐसा व्रत रखने से अच्छा है कि आप व्रत न ही रखें! क्योंकि यह आपके शरीर को फायदे की जगह और ज्यादा बीमार कर देगा।
अगर आप शुरुआत कर रहे हैं, तो इन आसान तरीकों को अपना सकते हैं:
हल्की शुरुआत करें:
सीधे 24 घंटे का उपवास रखने की जरूरत नहीं है। आप शुरुआत में 12 या 14 घंटे का गैप दे सकते हैं। जैसे रात को 8 बजे खाना खाया, तो अगले दिन सुबह 10 बजे तक कुछ न खाएं।
फलाहार का सहारा लें:
पूरे दिन भूखे रहने के बजाय आप सिर्फ मौसमी फल, नारियल पानी या नींबू पानी पीकर व्रत रख सकते हैं। इससे शरीर से टॉक्सिन्स (गंदगी) बाहर निकलने में बहुत मदद मिलती है।
पानी खूब पीएं:
उपवास के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है। सादा पानी या गुनगुना पानी थोड़े-थोड़े अंतराल पर पीते रहें।
व्रत कैसे खोलें:
यह सबसे जरूरी बात है। दिनभर खाली पेट रहने के बाद अचानक से बहुत भारी या तीखा-मसालेदार खाना न खाएं। व्रत हमेशा किसी फल के रस, नारियल पानी या पतली खिचड़ी जैसी हल्की चीजों से ही खोलना चाहिए।
चलते-चलते बस इतना ही कहूँगा कि उपवास कोई सजा नहीं है, बल्कि यह अपने शरीर और मन को दिया जाने वाला एक खूबसूरत उपहार है। इसे किसी मजबूरी या अंधविश्वास की तरह मत देखिए, बल्कि इसके पीछे छिपे इस सीधे-सादे विज्ञान को समझिए। हफ्ते या पंद्रह दिन में एक बार अपने शरीर को यह आराम देकर देखिए, आप खुद महसूस करेंगे कि आपकी जिंदगी कितनी आसान, ऊर्जावान और खुशहाल हो गई है। तो फिर देर किस बात की, आने वाले किसी भी एक दिन को चुनिए और अपने इस अद्भुत शरीर को एक छोटा सा 'वेकेशन' देकर देखिए!
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