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थायराइड के कारण बढ़े हुए वजन को कम करने वाले 5 सबसे असरदार योगासन
क्या थायराइड के कारण आप वजन और थकान से परेशान हैं? जानिए 5 जादुई योगासन जो आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। सरल भाषा में समझें और घर बैठे फिटनेस की ओर कदम बढ़ाएँ।थायराइड के कारण बढ़े हुए वजन को कम करने वाले 5 सबसे असरदार योगासन
YOGA THERAPY
Rajesh Kumar
4/26/20261 मिनट पढ़ें


मेरे प्यारे दोस्तों, कैसे हैं आप सब? उम्मीद है कि आप अपनी सेहत का अच्छे से ख्याल रख रहे होंगे। आज मैं आपसे एक ऐसी समस्या पर बात करना चाहता हूं जिससे आजकल बहुत से लोग परेशान हैं, और वह है—थायराइड की वजह से बढ़ता वजन।
मुझे याद है मेरी एक सहेली है, रीता। कुछ साल पहले वह अचानक बहुत परेशान रहने लगी। वह बेचारी कम खाती थी, रोज टहलने भी जाती थी, लेकिन उसका वजन कम होने के नाम ही नहीं ले रहा था। ऊपर से हर वक्त थकान और सुस्ती! जब उसने डॉक्टर को दिखाया तो पता चला कि उसे 'हाइपोथायरायडिज्म' है। रीता एकदम टूट सी गई थी, उसे लगा अब वह कभी फिट नहीं हो पाएगी। लेकिन जानते हैं क्या? सही खान-पान और कुछ खास योगासनों की मदद से उसने न सिर्फ अपना वजन काबू किया, बल्कि अब वह पहले से कहीं ज्यादा एक्टिव महसूस करती है।
जहाँ तक वास्तविकता की बात है, थायराइड कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिससे आप जीत न सकें। बस हमें अपनी दिनचर्या में थोड़े बदलाव करने की जरूरत है। तो चलिए, अब और ज्यादा समय न लेते हुए सीधे उन 5 योगासनों के बारे में जानते हैं जो थायराइड में वजन घटाने के लिए रामबाण माने जाते हैं।
1. सर्वांगासन: थायराइड के लिए सबसे बढ़िया योग
सर्वांगासन को 'आसनों का राजा' कहा जाता है, और मेरे अनुभव में आया है कि थायराइड के मरीजों के लिए इससे बेहतर कुछ नहीं है। जब आप इस आसन को करते हैं, तो शरीर का पूरा ब्लड फ्लो आपकी गर्दन की तरफ यानी थायराइड ग्लैंड की तरफ होने लगता है।
इसे कैसे करें?
ज़मीन पर सीधे लेट जाएं।
धीरे-धीरे अपने पैरों को ऊपर उठाएं और हाथों का सहारा लेकर कमर को भी ऊपर की तरफ उठाएं।
कोशिश करें कि आपका पूरा शरीर आपके कंधों पर टिका हो और ठुड्डी (chin) छाती से छुए।
जब आप इस मुद्रा में होते हैं, तो आपकी गर्दन पर दबाव पड़ता है जिससे थायराइड ग्रंथि उत्तेजित होती है और हार्मोन का बैलेंस ठीक होने लगता है। मुझे लगता है कि अगर आप शुरुआत में इसे नहीं कर पा रहे हैं, तो दीवार का सहारा ले सकते हैं। कोई जल्दबाजी न करें, धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाइए।
2. हलासन: पेट की चर्बी और मेटाबॉलिज्म के लिए
अक्सर मैंने देखा है कि थायराइड की वजह से लोगों का मेटाबॉलिज्म बहुत धीमा हो जाता है। खाना पचता नहीं है और सब कुछ चर्बी बनकर जमने लगता है। हलासन इसमें आपकी बहुत मदद करेगा। यह सर्वांगासन का ही अगला स्टेप है।
इसे करने का तरीका:
सर्वांगासन की स्थिति में आने के बाद, धीरे से अपने पैरों को सिर के पीछे ले जाएं।
पैर की उंगलियों को जमीन से छूने की कोशिश करें।
हाथों को सीधा जमीन पर रखें।
इस आसन को करते समय आपको अपनी रीढ़ की हड्डी में खिंचाव महसूस होगा। यह न सिर्फ आपके थायराइड को ठीक रखता है, बल्कि पेट की जिद्दी चर्बी को भी कम करने में बहुत असरदार है। रीता ने मुझे बताया था कि शुरुआत में उसके पैर पीछे तक नहीं जाते थे, लेकिन 15 दिन लगातार करने के बाद वह आसानी से इसे करने लगी।
3. मत्स्यासन: तनाव कम करें और हार्मोन बैलेंस करें
थायराइड और तनाव का गहरा रिश्ता है। जितना ज्यादा आप तनाव लेंगे, थायराइड उतना ही बढ़ेगा। मत्स्यासन यानी 'मछली जैसी मुद्रा' आपकी गर्दन के अगले हिस्से को खोलती है।
कैसे करें?
पद्मासन में बैठें या सीधे लेट जाएं।
अपनी कमर को ऊपर की तरफ उठाएं और सिर के ऊपरी हिस्से को जमीन पर टिका दें।
आपकी छाती पूरी तरह फैली होनी चाहिए।
यह आसन करते समय जब आप गहरी सांस लेते हैं, तो ऑक्सीजन सीधे आपके फेफड़ों और थायराइड ग्लैंड तक पहुंचती है। इससे शरीर में जमा गंदगी (toxins) बाहर निकलती है और वजन घटने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।
4. उष्ट्रासन: गर्दन के खिंचाव के लिए कमाल का योग
उष्ट्रासन यानी ऊंट की मुद्रा। यह आसन उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो घंटों ऑफिस में झुककर काम करते हैं। थायराइड के लिए यह इसलिए खास है क्योंकि यह सीधे आपकी गर्दन की ग्रंथियों पर काम करता है।
करने का तरीका:
घुटनों के बल खड़े हो जाएं।
पीछे की तरफ झुकें और अपने हाथों से अपनी एड़ियों को पकड़ें।
गर्दन को पीछे की तरफ ढीला छोड़ दें।
इस आसन को करते समय आपको अपनी गर्दन और पेट पर एक प्यारा सा खिंचाव महसूस होगा। यह खिंचाव ही आपके थायराइड हार्मोन को संतुलित करने में मदद करता है। मेरे हिसाब से, यह आसन न केवल वजन घटाता है बल्कि आपकी बॉडी पोस्चर को भी बहुत सुंदर बना देता है।
5. भुजंगासन: सुस्ती दूर भगाएं और ऊर्जा बढ़ाएं
थायराइड में सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि इंसान हमेशा थका-थका महसूस करता है। ऐसे में भुजंगासन यानी कोबरा पोज़ आपके शरीर में नई ऊर्जा भर देता है।
इसे कैसे करें?
पेट के बल लेट जाएं।
अपने हाथों को कंधों के पास रखें और धीरे-धीरे शरीर के अगले हिस्से (नाभि तक) को ऊपर उठाएं।
आसमान की तरफ देखें और कुछ देर इसी स्थिति में रहें।
यह आसन आपके मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है। जब आपका मेटाबॉलिज्म अच्छा होगा, तो आप जो भी खाएंगे वह ऊर्जा में बदलेगा, न कि वजन में।
कुछ जरूरी बातें जो आपको याद रखनी चाहिए
मेरे प्यारे दोस्तों, योग कोई जादू की छड़ी नहीं है कि आज किया और कल वजन कम हो गया। इसके लिए आपको थोड़ा धैर्य रखना होगा। मैंने देखा है कि लोग दो-चार दिन योग करते हैं और फिर कहते हैं कि "अरे, कुछ फर्क नहीं पड़ रहा!" ऐसा न करें।
निरंतरता (Consistency):
योग का असली फायदा तभी मिलता है जब आप इसे रोज करें। भले ही आप सिर्फ 20 मिनट निकालें, लेकिन रोज निकालें।
सही खान-पान:
योगासन के साथ-साथ आपको अपनी डाइट पर भी ध्यान देना होगा। ज्यादा चीनी, मैदा और बाहर का तला-भुना खाने से बचें। हरी सब्जियां और फल अपनी डाइट में बढ़ा दें।
पानी खूब पिएं:
शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने के लिए पानी पीना बहुत जरूरी है।
नींद पूरी करें:
थायराइड के मरीजों के लिए 7-8 घंटे की नींद लेना बहुत जरूरी है। जब आप सो रहे होते हैं, तभी आपका शरीर खुद को रिपेयर करता है।
अंत में बस यही कहूंगा कि घबराएं नहीं। थायराइड एक चुनौती जरूर है, लेकिन यह आपकी जिंदगी को कंट्रोल नहीं कर सकता। अगर रीता अपना वजन कम कर सकती है, तो आप भी जरूर कर सकते हैं। बस अपनी चटाई उठाएं और आज से ही शुरू हो जाएं!
उम्मीद है आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी। अगर आपके मन में कोई सवाल हो या आप अपना अनुभव शेयर करना चाहते हैं, तो जरूर बताएं। मुझे बहुत खुशी होगी आपकी मदद करके। स्वस्थ रहें, खुश रहें!
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