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सुबह उठने में आलस आता है? तो बिस्तर पर ही करें ये 5 आसान योगासन

सुबह अलार्म बजते ही बिस्तर छोड़ना मुश्किल है? जानिए 5 आसान आलसी योगासन जो आप बिस्तर पर लेटे-लेटे कर सकते हैं। ये योगासन आपके दिन को तरोताजा और खुशनुमा बनाएंगे।सुबह उठने में आलस आता है? तो बिस्तर पर ही करें ये 5 आसान योगासन

साधना विज्ञान

Rajesh Kumar

4/6/20261 मिनट पढ़ें

सुबह उठने में आलस आता है? तो बिस्तर पर ही करें ये 5 आसान योगासन
सुबह उठने में आलस आता है? तो बिस्तर पर ही करें ये 5 आसान योगासन

मेरे प्यारे दोस्तों, क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि सुबह अलार्म बजते ही मन करता है कि बस एक बार स्नूज़ बटन दबा दूं और पांच मिनट और सो जाऊं? और वो पांच मिनट कब आधे घंटे में बदल जाते हैं, पता ही नहीं चलता। सच कहूं तो, मैं खुद भी इस 'सकंट' से सालों तक जूझता रहा हूं। रजाई की वो गर्माहट और तकिये का वो प्यार... छोड़ना सच में किसी बड़ी जंग को जीतने जैसा लगता है।

अक्सर हम सोचते हैं कि फिट रहने के लिए सुबह-सुबह उठकर पार्क जाना होगा या जिम में पसीना बहाना होगा। लेकिन जहां तक वास्तविकता की बात है, हर किसी के लिए यह मुमकिन नहीं हो पाता। कभी रात को देर से सोए, तो कभी मन ही नहीं किया। अब ऐसे में क्या करें? क्या आलस के आगे घुटने टेक दें? बिल्कुल नहीं!

मैंने अपनी लाइफ में एक बहुत ही सरल और मजेदार तरीका अपनाया है जिसे मैं 'आलसी योग' कहता हूं। यानी वह योग जो आप अपनी नींद से जागे बिना, अपने उसी नरम बिस्तर पर लेटे-लेटे कर सकते हैं। मुझे लगता है कि अगर दिन की शुरुआत शरीर को थोड़ा सा हिला-डुला कर की जाए, तो पूरा दिन एनर्जी से भरा रहता है।

आइए अब जानते हैं उन 5 जादुई योगासनों के बारे में जिन्हें आप कल सुबह अपनी आंखें खुलते ही बिस्तर पर ही कर सकते हैं।

बिस्तर पर ही करें बालासन (Child’s Pose) और अपनी कमर को दें सुकून

सबसे पहले बात करते हैं उस आसन की जो मेरा सबसे पसंदीदा है। मेरे अनुभव में आया है कि रात भर एक ही पोजीशन में सोने से सुबह पीठ में थोड़ी जकड़न महसूस होती है। बालासन इसे दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है।

इसे करना बहुत आसान है। जैसे ही आपकी नींद खुले, अपने घुटनों के बल बैठ जाएं (बिस्तर पर ही)। अब अपने कूल्हों को अपनी एड़ियों पर टिकाएं और धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें। अपने माथे को बिस्तर पर टिका दें और हाथों को सामने की ओर फैला दें।

सोचिए, आप एक छोटे बच्चे की तरह सुकून से लेटे हैं। जब आप इस मुद्रा में होते हैं, तो आपको अपनी रीढ़ की हड्डी में एक बहुत ही प्यारा खिंचाव महसूस होगा। यह आपके दिमाग को शांत करता है और आपके नर्वस सिस्टम को बताता है कि "भाई, अब जागने का समय हो गया है, पर हम इसे प्यार से करेंगे।" मैं तो अक्सर इसे करते-करते फिर से एक छोटी सी झपकी लेने का सोचता हूं, पर इससे शरीर में जो ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, वो मुझे पूरी तरह जगा देता है।

सुप्त मत्स्येन्द्रासन (Supine Twist) से जगाएं अपनी स्पाइन को

अब अधिक समय न लेते हुए आगे बढ़ते हैं दूसरे आसन की तरफ। क्या आपने कभी गौर किया है कि बिल्ली जब सोकर उठती है, तो वो कैसे अपने शरीर को मरोड़ती (stretch) है? यह आसन बिल्कुल वैसा ही है।

मैंने देखा है कि जब हम बिस्तर पर लेटे-लेटे अपनी बॉडी को ट्विस्ट करते हैं, तो हमारे पेट के अंदरूनी अंगों की एक तरह से मालिश हो जाती है। यह पाचन के लिए भी बहुत अच्छा है। इसे करने के लिए अपनी पीठ के बल सीधे लेट जाएं। अपने दाएं घुटने को मोड़ें और उसे अपने बाएं तरफ जमीन (या बिस्तर) पर ले जाएं। अपने दोनों हाथों को कंधों की सीध में फैला दें और अपनी गर्दन को दाईं ओर मोड़ें।

एक बात बताऊं? जब आप इसे करते हैं और आपकी पीठ से वो हल्की सी 'कड़क' वाली आवाज आती है, तो जो सुकून मिलता है, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। यह आपके शरीर के सारे आलस को खींचकर बाहर निकाल देता है। फिर यही प्रक्रिया दूसरी तरफ से भी दोहराएं।

आनंद बालासन (Happy Baby Pose) के साथ चेहरे पर लाएं मुस्कान

इसका नाम सुनकर ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती है, है ना? मुझे लगता है कि सुबह-सुबह थोड़ा सा 'फन' एलिमेंट होना जरूरी है। 'हैप्पी बेबी पोज़' आपको बिल्कुल वही अहसास देता है।

बिस्तर पर लेटे हुए अपने दोनों घुटनों को अपनी छाती की ओर लाएं। अब अपने पैरों के तलवों को अपने हाथों से पकड़ें और घुटनों को बगल की तरफ थोड़ा फैलाएं। जैसे एक छोटा बच्चा खुशी में अपने पैर पकड़कर खेलता है, बस वैसे ही! आप चाहें तो धीरे-धीरे दाएं-बाएं डोल भी सकते हैं।

यह आसन आपके हिप्स की जकड़न को खोलता है। हम दिन भर बैठे रहते हैं या चलते हैं, जिससे हमारे हिप एरिया में काफी तनाव जमा हो जाता है। मेरे अनुभव में, सुबह-सुबह इसे 1 मिनट करने से पैर बहुत हल्के महसूस होने लगते हैं। ऐसा लगता है जैसे पैरों से कोई भारी बोझ उतर गया हो।

पवनमुक्तासन (Wind Relieving Pose) और पेट की समस्याओं को कहें बाय-बाय

सुबह उठते ही अगर पेट साफ न लगे या भारीपन महसूस हो, तो पूरा दिन खराब जाता है। मैंने देखा है कि बहुत से लोग सुबह उठते ही भारीपन की शिकायत करते हैं। उनके लिए पवनमुक्तासन किसी वरदान से कम नहीं है।

इसे करने के लिए सीधे लेट जाएं और अपने दोनों घुटनों को मोड़कर छाती के पास लाएं। अपने हाथों से घुटनों को कसकर पकड़ लें, जैसे आप खुद को गले लगा रहे हों। अब गहरी सांस लें और छोड़ें। आप चाहें तो अपना माथा अपने घुटनों से छुआने की कोशिश भी कर सकते हैं।

यह आसन आपके पेट की गैस को बाहर निकालने में मदद करता है और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है। मैं जब भी इसे करता हूं, मुझे महसूस होता है कि मेरा शरीर अंदर से साफ हो रहा है। यह बहुत ही रिलैक्सिंग है और इसे करने में मुश्किल से 2 मिनट लगते हैं।

विपरीत करणी (Legs-up-the-wall Pose) बिस्तर के सहारे ही

अब आते हैं आज के आखिरी और सबसे आरामदेह आसन पर। इसे मैं 'एनर्जी बूस्टर' कहता हूं। अक्सर हम सोचते हैं कि पैरों को ऊपर करने से क्या होगा? पर यकीन मानिए, इसके फायदे आपको हैरान कर देंगे।

बिस्तर पर लेटे हुए ही अपने पैरों को सीधा ऊपर की ओर उठा लें। अगर पास में दीवार है (जैसा कि अक्सर बिस्तर दीवार से सटा होता है), तो अपने पैरों को दीवार के सहारे टिका दें। आपके हाथ आपके बगल में आराम से खुले होने चाहिए। अपनी आंखें बंद करें और बस 2 से 3 मिनट तक ऐसे ही रहें।

जहां तक वास्तविकता की बात है, जब हम खड़े होते हैं या बैठे होते हैं, तो हमारा ब्लड प्रेशर हमेशा पैरों की तरफ ज्यादा होता है। जब हम पैरों को ऊपर करते हैं, तो खून का बहाव वापस दिल और दिमाग की तरफ बढ़ता है। इससे आपको तुरंत ताजगी महसूस होती है। मैंने देखा है कि जिन लोगों को सुबह उठते ही सिर भारी लगता है, उनके लिए यह आसन जादू की तरह काम करता है।

मेरे प्यारे दोस्तों, ये 5 योगासन कोई रॉकेट साइंस नहीं हैं। इन्हें करने के लिए आपको न तो किसी महंगे जिम कपड़ों की जरूरत है और न ही योग मैट की। आपकी वही आरामदायक रजाई और बिस्तर ही आपका योग स्टूडियो है।

एक छोटा सा किस्सा साझा करता हूं। पिछले महीने मेरा एक दोस्त मुझसे मिला, जो हमेशा शिकायत करता था कि वो सुबह उठकर ऑफिस जाने के लिए बहुत थक जाता है। मैंने उसे बस यही सलाह दी कि "भाई, तू उठ मत, बस बिस्तर पर ये 5 चीजें कर ले।" पिछले हफ्ते उसका फोन आया और उसने कहा, "यार, अब मैं बिना चिड़चिड़े हुए ऑफिस जाता हूं।"

मुझे लगता है कि हम अक्सर बड़ी चीजों के पीछे भागते हैं और छोटी-छोटी आदतों को भूल जाते हैं जो सच में बदलाव लाती हैं। ये योगासन सिर्फ आपके शरीर को नहीं खोलते, बल्कि आपके मन को भी आने वाले दिन के लिए तैयार करते हैं।

एक बार सोच कर देखिए, सिर्फ 10 मिनट अपने बिस्तर पर अतिरिक्त बिताकर (लेकिन सोते हुए नहीं, बल्कि ये योगासन करते हुए) आप अपने अगले 16 घंटों को कितना बेहतर बना सकते हैं। यह खुद को प्यार करने का एक तरीका है।

तो, क्या आप कल सुबह मेरे साथ ये 'आलसी योग' ट्राई करेंगे? मुझे पूरा यकीन है कि जब आप विपरीत करणी करके अपने पैरों को नीचे रखेंगे, तो आप बिस्तर से सीधे फर्श पर एक नई ऊर्जा के साथ उतरेंगे। अब आलस को बहाना मत बनाइए, उसे ही अपनी फिटनेस का हिस्सा बना लीजिए।

कल सुबह जब अलार्म बजे, तो गुस्सा मत होइएगा, बस मुस्कुराइए और याद करिए कि आज आपको अपने शरीर के साथ थोड़ा 'फन' करना है। शुभ रात्रि और कल की एक शानदार सुबह के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं!