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ghutanon ke dard ke lie sabase achchhee ekstra thik yoga mait kaun see hai
क्या योग करते समय आपके घुटनों में तेज दर्द होता है? जानें कैसे एक्स्ट्रा थिक योगा मैट आपके जोड़ों को आराम और सपोर्ट प्रदान कर सकता है। योगा मैट के फायदे और सही चयन के टिप्स पाएं। ghutanon ke dard ke lie sabase achchhee ekstra thik yoga mait kaun see hai
YOGA GEAR
Rajesh Kumar
3/9/20261 मिनट पढ़ें


दोस्तों योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक बेहतरीन अभ्यास है। लेकिन, अगर आप योग करते समय घुटनों, कोहनियों या कलाई में दर्द महसूस करते हैं, तो आपका ध्यान योग के फायदों से हटकर उस दर्द पर चला जाता है। खासकर मार्जरीआसन (Cat-Cow Pose), उष्ट्रासन (Camel Pose) या अंजनेयासन (Crescent Lunge) जैसे आसनों में शरीर का काफी वजन घुटनों पर होता है। अगर आपके नीचे की सतह सख्त है, तो यह जोड़ों में तेज दर्द और सूजन का कारण बन सकता है।
यहीं पर 'एक्स्ट्रा थिक योगा मैट' (Extra Thick Yoga Mat) आपकी मदद के लिए आती है। इस विस्तृत ब्लॉग पोस्ट में हम जानेंगे कि घुटनों के दर्द के लिए सबसे अच्छी एक्स्ट्रा थिक योगा मैट कौन सी है, इसे खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और यह आपके योगाभ्यास को कैसे सुरक्षित बना सकती है।
घुटनों के दर्द के लिए एक्स्ट्रा थिक योगा मैट क्यों जरूरी है?
जब हम किसी सख्त फर्श (जैसे टाइल्स, मार्बल या लकड़ी के फर्श) पर योग करते हैं, तो हमारे शरीर के जोड़ों और फर्श के बीच कोई कुशन (Cushion) नहीं होता। घुटने की हड्डी (Patella) बहुत संवेदनशील होती है।
शॉक एब्जॉर्प्शन (Shock Absorption): एक मोटी योगा मैट आपके शरीर के वजन को सोख लेती है और घुटनों पर पड़ने वाले सीधे दबाव को कम करती है।
कुशनिंग और सपोर्ट (Cushioning and Support): 10mm से लेकर 15mm तक की मोटाई वाले मैट एक नरम गद्दे की तरह काम करते हैं, जो हड्डियों को चुभन से बचाते हैं।
लंबे समय तक अभ्यास: जब दर्द नहीं होता, तो आप अपने योगाभ्यास या मेडिटेशन को लंबे समय तक जारी रख सकते हैं।
इंजरी से बचाव: पहले से मौजूद घुटने की चोट या अर्थराइटिस (Arthritis) की स्थिति में यह मैट एक सुरक्षा कवच का काम करती है।
योगा मैट की मोटाई (Thickness) को कैसे समझें?
बाजार में कई तरह की मैट उपलब्ध हैं। आइए जानते हैं कि आपके लिए कौन सी मोटाई सही है:
1mm - 3mm (Travel Mats): ये बहुत पतली होती हैं। सफर के लिए अच्छी हैं, लेकिन घुटनों के दर्द वाले लोगों के लिए यह बिल्कुल भी सही नहीं हैं।
4mm - 6mm (Standard Mats): यह एक सामान्य मोटाई है। विन्यास (Vinyasa) और अष्टांग योग के लिए अच्छी है, लेकिन संवेदनशील घुटनों के लिए यह भी पर्याप्त कुशन नहीं देती।
8mm - 10mm (Thick Mats): यह घुटनों के दर्द के लिए सबसे बेहतरीन शुरुआती विकल्प है। इसमें आपको कुशन भी मिलता है और आप बैलेंसिंग (संतुलन वाले) आसनों को भी आसानी से कर पाते हैं।
12mm - 15mm (Extra Thick Mats): यदि आपके घुटनों में बहुत तेज दर्द रहता है या आप पिलेट्स (Pilates) और फ्लोर एक्सरसाइज ज्यादा करते हैं, तो 15mm की मैट सबसे बेहतरीन है। यह आपको बादलों पर योग करने जैसा अहसास देगी।
एक्स्ट्रा थिक योगा मैट के लिए बेहतरीन मटेरियल (Best Materials)
मैट की मोटाई के साथ-साथ उसका मटेरियल भी बहुत मायने रखता है। एक 15mm की खराब मटेरियल वाली मैट एक 8mm की अच्छी मैट से भी बदतर हो सकती है।
NBR (Nitrile Butadiene Rubber): एक्स्ट्रा थिक मैट (10mm से 15mm) आमतौर पर NBR से ही बनती हैं। यह बहुत ही नरम, स्पंजी और आरामदायक होता है। घुटनों के दर्द के लिए NBR मैट सबसे अधिक चुनी जाती हैं।
TPE (Thermoplastic Elastomer): यह एक इको-फ्रेंडली (Eco-friendly) विकल्प है। 8mm या 10mm TPE मैट आपको शानदार ग्रिप और बेहतरीन कुशनिंग देती है। यह NBR के मुकाबले ज्यादा मजबूत होती है और फिसलती नहीं है।
PVC (Polyvinyl Chloride): यह सबसे ज्यादा बिकने वाला और सस्ता मटेरियल है। हालांकि यह टिकाऊ होता है, लेकिन यह पर्यावरण के अनुकूल नहीं है और शुरुआत में इसमें से प्लास्टिक की महक आ सकती है।
Natural Rubber (प्राकृतिक रबर): यह प्रीमियम मैट में इस्तेमाल होता है। यह शानदार ग्रिप देता है, लेकिन यह आमतौर पर बहुत ज्यादा मोटा (15mm) नहीं होता क्योंकि प्राकृतिक रबर बहुत भारी हो जाता है।
घुटनों के दर्द के लिए 5 सबसे बेहतरीन एक्स्ट्रा थिक योगा मैट के प्रकार
(नोट: यहां बताए गए विकल्प आपको Amazon, Flipkart या किसी भी स्पोर्ट्स स्टोर पर विभिन्न ब्रांड्स जैसे Boldfit, VIFITKIT, TEGO, OJS आदि के नाम से आसानी से मिल जाएंगे।)
1. 15mm NBR योगा मैट (Maximum Cushioning)
अगर आपका मुख्य लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ घुटनों को आराम देना है, तो 15mm NBR मैट खरीदें।
फायदे: यह सबसे ज्यादा नरम होती है। शवासन, स्ट्रेचिंग और घुटनों के बल किए जाने वाले आसनों के लिए यह वरदान है।
कमियां: अत्यधिक स्पंजी होने के कारण वृक्षासन (Tree Pose) जैसे खड़े होकर संतुलन बनाने वाले आसनों में दिक्कत आ सकती है।
2. 10mm TPE योगा मैट (The Perfect Balance)
यह दर्द से राहत और संतुलन के बीच का सबसे बेहतरीन विकल्प है।
फायदे: TPE मटेरियल बहुत अच्छी ग्रिप देता है जिससे आपके हाथ-पैर पसीने में फिसलते नहीं हैं। 10mm की मोटाई घुटनों के लिए पर्याप्त है और यह इको-फ्रेंडली भी है।
कमियां: यह NBR 15mm जितनी गद्देदार नहीं होती, लेकिन योगाभ्यास के लिए यह सबसे आदर्श मानी जाती है।
3. मेमोरी फोम योगा मैट (Memory Foam Mat)
कुछ प्रीमियम ब्रांड्स मेमोरी फोम वाली मैट बनाते हैं जो आपके शरीर के आकार के अनुसार ढल जाती हैं।
फायदे: जोड़ों के दर्द के लिए यह अल्ट्रा-कम्फर्टेबल होती है।
कमियां: यह काफी महंगी होती हैं और वजन में थोड़ी भारी हो सकती हैं।
4. डबल लेयर (Double Layer) योगा मैट
इन मैट्स में ऊपर की तरफ एक अलग टेक्सचर और नीचे की तरफ अलग टेक्सचर होता है। आमतौर पर ये 8mm से 10mm मोटी होती हैं।
फायदे: नीचे की लेयर फर्श पर चिपक जाती है जिससे मैट खिसकती नहीं है और ऊपर की लेयर आपके घुटनों को सपोर्ट देती है।
कमियां: पसीना आने पर कुछ ब्रांड्स की टॉप लेयर थोड़ी स्लिपरी (slippery) हो सकती है।
5. एक्स्ट्रा वाइड और एक्स्ट्रा थिक मैट (Extra Wide & Thick)
यदि आपकी लंबाई ज्यादा है और आप योग करते समय मैट से बाहर चले जाते हैं, तो 6 फीट लंबी, 24-26 इंच चौड़ी और 10-15mm मोटी मैट चुनें।
फायदे: पूरा शरीर मैट के अंदर रहता है, जिससे हाथ या पैर फर्श पर नहीं जाते।
खरीदने से पहले ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें (Buying Guide)
एक्स्ट्रा थिक योगा मैट खरीदने से पहले इन कारकों पर जरूर विचार करें:
संतुलन की समस्या (Balance Trade-off): यह सबसे जरूरी बात है। मैट जितनी ज्यादा मोटी और स्पंजी होगी, एक पैर पर खड़े होने वाले आसनों में संतुलन बनाना उतना ही मुश्किल होगा। अगर आप 15mm की मैट ले रहे हैं, तो संतुलन वाले आसनों के लिए मैट से उतरकर सीधे फर्श पर खड़े होने की आदत डालें।
ग्रिप और टेक्सचर (Grip and Texture): घुटनों के दर्द के साथ-साथ आपको यह भी देखना है कि डाउनवर्ड डॉग (Downward Dog) जैसे आसन करते हुए आपके हाथ न फिसलें। मैट में एंटी-स्लिप (Anti-slip) टेक्सचर होना चाहिए।
वजन और पोर्टेबिलिटी (Weight and Portability): अगर आप योग क्लास में अपनी मैट लेकर जाते हैं, तो 15mm की मैट रोल करने के बाद काफी बड़ी और भारी हो सकती है। सुनिश्चित करें कि उसके साथ एक कैरिंग स्ट्रैप (Carrying strap) या बैग जरूर मिले।
मटेरियल की वापसी (Resilience): जब आप मैट को दबाएं, तो उसे वापस अपने आकार में जल्दी आना चाहिए। अगर वह दबी हुई ही रह जाती है, तो वह खराब क्वालिटी की मैट है।
घुटनों के दर्द के लिए कुछ अन्य बेहतरीन उपाय (Alternative Solutions)
अगर आप अपनी पुरानी 4mm या 6mm की मैट को नहीं बदलना चाहते हैं, लेकिन घुटनों के दर्द से परेशान हैं, तो ये उपाय आजमाएं:
योगा नी पैड्स (Yoga Knee Pads): बाजार में छोटे-छोटे गोल या चौकोर सिलिकॉन/फोम के नी-पैड्स मिलते हैं। जब भी आप घुटनों के बल आएं, इन्हें घुटनों के नीचे रख लें।
मैट को फोल्ड करना: जिस आसन में घुटने फर्श पर हों, वहां अपनी मैट को ही डबल या ट्रिपल फोल्ड करके घुटनों के नीचे रख लें।
कंबल (Folded Blanket) का उपयोग: योग स्टूडियो में अक्सर ऊनी या कॉटन के कंबल रखे होते हैं। इन्हें मोड़कर घुटनों के नीचे रखना एक बहुत ही पारंपरिक और प्रभावी तरीका है।
आसनों में बदलाव (Modifications): अगर किसी आसन में घुटनों पर असहनीय दर्द हो, तो उस आसन को बदल दें या किसी योग शिक्षक की मदद से उसे अलग तरीके से (Props के साथ) करने की कोशिश करें। दर्द को कभी भी नजरअंदाज न करें।
अपनी एक्स्ट्रा थिक योगा मैट की देखभाल कैसे करें? (Care Instructions)
मोटी योगा मैट को साफ रखना बहुत जरूरी है क्योंकि इनमें पसीना और बैक्टीरिया जल्दी जमा हो सकते हैं (खासकर NBR मैट में)।
सफाई: हफ्ते में एक बार पानी और सेब के सिरके (Apple Cider Vinegar) के मिश्रण (50-50) को स्प्रे बोतल में डालकर मैट पर छिड़कें और एक साफ कपड़े से पोंछ लें।
सुखाना: मैट को कभी भी सीधे तेज धूप में न सुखाएं, इससे इसका मटेरियल भुरभुरा होकर टूटने लगेगा। इसे हमेशा हवादार छांव वाली जगह पर सुखाएं।
स्टोरेज: योगाभ्यास के बाद मैट को हमेशा रोल करके रखें। इसे फोल्ड करके (मोड़कर) न रखें, वरना उसमें स्थायी क्रीज (निशान) पड़ जाएंगे जो बाद में फट सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या 15mm योगा मैट सूर्य नमस्कार के लिए सही है?
उत्तर: 15mm की मैट घुटनों के लिए तो अच्छी है, लेकिन सूर्य नमस्कार जैसे तेज प्रवाह (Flow) वाले अभ्यास में यह आपके पैरों को थोड़ा अस्थिर कर सकती है। सूर्य नमस्कार के लिए 8mm या 10mm TPE मैट ज्यादा बेहतर है।
प्रश्न 2: TPE और NBR में से कौन सा मटेरियल बेहतर है?
उत्तर: यह आपकी जरूरत पर निर्भर करता है। यदि आपको अधिकतम कुशन और मोटाई (15mm) चाहिए, तो NBR लें। यदि आपको अच्छा बैलेंस, बढ़िया ग्रिप और इको-फ्रेंडली मैट (8mm-10mm) चाहिए, तो TPE चुनें।
प्रश्न 3: मेरी नई मोटी योगा मैट फिसलती क्यों है?
उत्तर: कई नई मैट्स पर फैक्ट्री से एक पतली सुरक्षात्मक परत (Coating) लगी होती है। इसे 'ब्रेक-इन' (Break-in) पीरियड कहते हैं। इसे हल्के साबुन के पानी से पोंछ लें और कुछ दिन इस्तेमाल करें, इसकी ग्रिप अपने आप बेहतर हो जाएगी।
प्रश्न 4: क्या एक्स्ट्रा थिक योगा मैट का इस्तेमाल पिलेट्स (Pilates) के लिए किया जा सकता है?
उत्तर: बिल्कुल! वास्तव में, पिलेट्स में पीठ और रीढ़ की हड्डी के बल बहुत सी एक्सरसाइज की जाती हैं, इसलिए 12mm से 15mm की मैट पिलेट्स के लिए सबसे आदर्श मानी जाती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
घुटनों का दर्द आपके योगाभ्यास में बाधा नहीं बनना चाहिए। एक सही एक्स्ट्रा थिक योगा मैट (10mm से 15mm) में निवेश करना आपके शरीर और जोड़ों के लिए एक बेहतरीन फैसला है। यदि आप मेरी सलाह मानें, तो 10mm TPE योगा मैट अधिकांश लोगों के लिए सबसे अच्छा काम करती है, क्योंकि यह आराम और संतुलन का एक बेहतरीन मिश्रण प्रदान करती है। हालांकि, यदि आपके घुटनों में बहुत गंभीर संवेदनशीलता है, तो 15mm NBR मैट बेझिझक चुनें।
याद रखें, योग शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए है, उसे तकलीफ देने के लिए नहीं। अपने शरीर की सुनें और सही उपकरणों का चुनाव करें।
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